अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती-योगी
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिया कि अराजकता फैलाने वाले किसी भी बदमाश को छोड़ा ना जाए और जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया है, उसे वापस ठीक कराने का खर्च उन्हीं उपद्रवियों से वसूला जाए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर हो, अलीगढ़ हो या संभल अथवा कोई अन्य जनपद, अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि अराजकता फैलाने वालों को चिह्नित कर उनके पोस्टर लगाए जाएं और एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए। सीएम योगी ने सार्वजनिक स्थलों पर हुए अतिक्रमण के मुद्दे पर कहा कि हर किसी को यह समझना चाहिए कि सड़क सभी के लिए है। निर्माण सामग्री रखने, निजी वाहन खड़ा करने, दुकान बनाने आदि के लिए सार्वजनिक स्थल का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा। जिलों में राजस्व वादों को लेकर मुख्यमंत्री ने सम्पूर्ण समाधान दिवस और थाना दिवस में आने वाले मामलों और ‘आईजीआरएस’ एवं ‘सीएम हेल्पलाइन’ पर जनता से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले सभी विभागों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, तहसीलों, रेंज, थानों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जनता से जुड़े विभागों के अधिकारी तय समय पर जनता से जरूर मिलें और प्रत्येक विभाग में जनसुनवाई को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में सभी मंडलायुक्त, पुलिस जोन एडीजी, जिलाधिकारी, पुलिज़ रेंज आईजी, पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री छह दिसंबर को भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस को लेकर कहा कि अनेक संगठनों द्वारा बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए जुलूस व सभा आदि आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्व माहौल को खराब करने का कुत्सित प्रयास कर सकते हैं। इसलिए अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हो।
नीतीश कुमार के इशारों से खुला राज, कौन होगा अगला CM?
इजराइल की ईरान को सख्त चेतावनी, “खतरा बने तो नहीं बख्शेंगे”
Indian Premier League 2026 से पहले Anil Kumble का बड़ा बयान
ऊर्जा और खनिज संसाधनों के वैश्विक समीकरण पर पड़ सकता है बड़ा असर