भूस्खलन से त्रस्त पापुआ न्यू गिनी को मिला भारत का साथ
भारत ने पापुआ न्यू गिनी की मदद के लिए 19 टन राहत सामग्री भेजी है। पिछले महीने हुए भूस्खलन की वजह से एंगा प्रांत में भारी क्षति का सामना करना पड़ा था। इस दौरान 2000 लोगों की मौत हो गई थी।यह भारत की ओर से पापुआ न्यू गिनी के लिए घोषित 10 लाख डॉलर की सहायता के हिस्से के रूप में भेजी गई है। इसमें खाद्य पदार्थ, अस्थायी शरण स्थली और दवाएं शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक्स पोस्ट में कहा है कि इस संकट के समय भारत और पापुआ न्यू गिनी साथ खड़ा है।
छह टन दवाएं भी भेजी गई
भेजी गई राहत सामग्री में 13 टन आपदा राहत सामग्री शामिल है, जिसमें अस्थायी शरण स्थली, पानी के टैंक, स्वच्छता संबंधी किट और खाद्य सामग्री शामिल हैं। आपात स्थिति में उपयोग के लिए छह टन दवाएं भी भेजी गई हैं। इनमें डेंगू और मलेरिया का पता लगाने वाली इमरजेंसी किट भी शामिल हैं।
इंदौर में ई-रिक्शा नियम लागू, जांच में 5 हजार अवैध वाहन पकड़े गए, 10 दिन में सुधार की मोहलत
ग्वालियर में सेवानिवृत्त कर्मचारी पर गंभीर आरोप, बैकडेट में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर का मामला
सुप्रीम कोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज को नहीं दी तत्काल राहत, मामला फिर हाई कोर्ट के पाले में, 18 मार्च तक जवाब दाखिल करने का निर्देश, 20 मार्च को हाई कोर्ट करेगा अंतरिम राहत पर फैसला
रतलाम: मीजल्स से 9 वर्षीय बच्ची की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी देने में लगाई पांच दिन