भगवान भोले और माता पार्वती रूप धारण की दो कन्याएं
वाराणसी । मानो तो देव नहीं पत्थर या मानो तो गंगा मां हूँ, ना मानो तो बहता पानी। इस प्रकार की तमाम कहावते हमारे धर्म एवं संस्कृतियों में कही गयी हैं। काशी के विषय में एक कहावत काफ़ी लोकप्रिय है कि भगवान भोले को यह नगरी काफ़ी प्रिय है और वह किसी न किसी रूप में काशी में विराजमान रहते है। काशी में भी उनके विराजमान का क्षेत्र और स्वरुप भी अलग अलग है।भगवान भूतनाथ का प्रिय क्षेत्र महाश्मशान हरिश्चन्द्र घाट और मनिकार्निका घाट है, जहाँ शमशान की आग कभी बुझती नहीं है।
क्या है छत्तीसगढ़ की ‘गौधाम योजना’? चरवाहों और गौ सेवकों को मिलेंगे पैसे
उद्घाटन के चार दिन बाद ही दिल्ली मेट्रो लाइन से 1000 मीटर सिग्नल केबल चोरी
बलरामपुर के तुर्रीपानी गांव में अफीम की खेती का खुलासा, दो गिरफ्तार; 2 करोड़ की अफीम जब्त
शराब के लिए पैसे नहीं देने पर युवक ने स्कूटी में लगाई आग, घटना CCTV में कैद